Monday, 19 January 2026

अवसाद का आनंद - सत्यदेव त्रिपाठी

 

"अवसाद का आनंद"
सत्यदेव त्रिपाठी


                    हिन्दी में मर्धन्य लेखकों और कलाकारों की सशोधित और विस्तत जीवनियाँ नहीं हैं। कछ वर्ष पहले रज़ा फाउण्डेशन ने ऐसी जीवनियाँ लिखाने और प्रकाशित करने की योजना शरू की। उसके अन्तर्गत अब तक जैनेन्द्र कमार, जगदीश स्वामीनाथन नागार्जुन, शंखो चौधरी, कष्णा सोबती फणीश्वरनाथ रेण, भपेन खखर आदि की जीवनियँ प्रकाशित हो चकी हैं। इसी क्रम में बनारस-रमे विद्वान और सजग रंग- समीक्षक सत्यदेव त्रिपाठी द्वारा लिखी गयी जयशंकर प्रसाद की यह जीवनी प्रकाशित करते हए हमें प्रसन्नता है। एक मर्धन्य कवि उसक निजी और सर्जनात्मक- बौद्धिक संघर्ष. उनकी जिजीविषा और दखों आदि के बारे में जानकर हम प्रसाद की महिमा और अवदान को बहतर समझ-सराह पाएँगे ऐसी आशा हम करते हैं ।
                                                                                                                          -अशोक वाजपेयी




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अवसाद का आनंद - सत्यदेव त्रिपाठी

  "अवसाद का आनंद" सत्यदेव त्रिपाठी                     हिन्दी में मर्धन्य लेखकों और कलाकारों की सशोधित और विस्तत जीवनियाँ नहीं हैं...